अक्टूबर 2007

     

 यूनीकोड फ़ॉण्ट्स

प्रकृति और साहित्य को समर्पित

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 हम लोग

 


 

कोई भी श्रेष्ठ लेखक हमेशा गतिमान रहता है- या रहना चाहता है उसके भीतर की दुनिया के अंदर अपने अंतर्सम्बन्धों में हमेशा नये शब्द, ध्वनियां, स्वास्यात बदलते रहते हैं लेखक को उसकी सतत गत्यात्मकता में पकड़ना उतना ही दूभर है, जितना एक पक्षी को उसकी उड़ान में पुरा देख पाना एक अंग पर हाथ पड़ते ही बाकी देह आंखों से ओझल हो जाती है.-  निर्मल वर्मा

कविता

कहीं तो होंगे अभयारण्य

                  नन्द भारद्वाज
सतपुड़ा के जंगल
        भवानी प्रसाद मिश्र

पूजा है पेड़ को
       
 डॉ अशोक पराशर

खामोश विचार  

               श्रीमती रेणु वशिष्ठ

 कहानी
कामायचा -    दिनेश चारण

 लेख
शिरीष के फूल
 
        हजारी प्रसाद द्विवेदी


महाराजपुर से ग्वारीघाट- जबलपुर
                    अमॄत लाल वेगड  


हमें जीने द
 बचाओ नकली दवाओं
से                 प्रणय कुमार गर्ग


 
व्यंग्य
ट्यूशन पुराण-
   
रामेश्वर काम्बोजहिमांशु'

 अथ श्वान पुराणम्
           सीताराम गुप्ता

बचपन
कहानी
-  सुनहरी चिड़िया -
       सूरेखा पाणंदीकर


 पुस्तक समीक्षा
 
बदलें अपना सोच, अपना जीवन
         डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल

और बहुत कुछ

वन और वन का स्वभाव
          
विद्यानिवास मिश्र

 महादेवी पहाड़ों का बसंत मनाती                            निर्मल वर्मा
 

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पिछला अंक

 

कविता

कितना सच कहते हैं राजा ?

                रमेश थानवी

 सूखी नदी - कैलाश मनहर

गीत

मैं गीत बेचता हूं- भवानी प्रसाद मिश्र

 कहानी
मलबे का मालिक -
मोहन राकेश
 
उमस- विभा सक्सेना
लेख
हिन्दी के विकास में सितम्बर का
       योगदान-डा0 चन्द्र कुमार वरठे

हमें जीने दो, याचिकाओं के भरोसे 
 
             प्रणय कुमार गर्ग
अब भगवान भी विदेशी- अंजली सहाय
 
व्यंग्य

रिश्ते ही रिश्ते -   वीरेन्द्र जैन
इंटरव्यू श्री कृष्ण से
डॉ सुमन मेहरोत्रा

बचपन  
धूप गई तो बारिश आई
-
गिरधर राठी

कहानी

दोस्ती का छल्ला - कुसुमलता सिंह
 
पुस्तक समीक्षा :
 

 इंटरव्यू पर जरूरी पुस्तक-
अनुराग वाजपेयी

 

दलित जीवन की कारूणिक
कथा:
दशक्रिय
-रमेश खत्री

                

और बहुत कुछ
 पाकिस्तान में बहती दोस्ती की सरस्वत *

                          प्रेमचन्द गांधी                                   


सियासत  जो दिल तोड़ देती है
 उसे
जोड़ना मुश्किल है
- नासिरा शर्मा

 ***** 

      

अनुरोध

 

 रचनाकार मित्रों से भी हमारा अनुरोध है

 

  कि वे अपनी रचनाएं भेजें।

 

dpagrawal24@gmail.com

anjalisahai_60@rediffmail.com=

   

      

 

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                      प्रबंध सम्पादक अंजली सहाय  सम्पादक डॉ0 दुर्गाप्रसाद अग्रवाल 

anjalisahai_60@rediffmail.com