अक्टूबर 2007

   

                      

प्रकृति और साहित्य को समर्पित

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  पुस्तक समीक्षा  

    बदलें अपना सोच, अपना जीवन

डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल

 

 

 

 

 ईसा मसीह के जन्म से पांच सौ बरस पहले चीन में लाओ त्से नाम के एक बडे विद्वान हुए हैं. इन द्वारा लिखवाये गए 81 पदों को मानवीय अस्तित्व की प्रकृति पर अंतिम टिप्पणी माना जाता है. ये 81 पद जिन्हें ताओ-ते-चिंग यानि महान पथ के नाम से जाना जाता है, ऐसी सलाहें देते हैं जो संतुलित, नैतिक, आध्यात्मिक और सत्कर्म की प्रेरक मानी जाती हैं. इन सलाहों में व्यक्तिगत आध्यात्म से लगाकार मनुष्य-मनुष्य के बीच के रिश्तों और राजनीति तक का समावेश है. चीनी दर्शन शास्त्र के क्षेत्र में ताओ ते चिंग का अत्यधिक महत्व है. चीनी सौंदर्यशास्त्र की अनेक अवधारणाओं का उद्गम भी यहीं से माना जाता है.

 

स्व विकास के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के लेखक और वक्ता डॉ वैन डब्ल्यू डायर ने अपनी सद्य प्रकाशित किताब चेंज युअर थॉट्स – चेंज युअर लाइफ : लिविंग द विज़डम  ऑफ द ताओ  में इसी ताओ-ते-चिंग के सैक़डों उपलब्ध अनुवादों का अध्ययन करने के बाद 81 लेख प्रस्तुत किए हैं जो यह बताते हैं कि लाओ त्से की प्राचीन विद्वत्ता को आज के जीवन पर कैसे लागू किया जाए. इस पुस्तक में डॉ डायर ने ताओ के 12 सर्वाधिक प्रशंसित अनुवादों के आधार पर सभी 81 पद भी प्रस्तुत किए हैं.

 

81 अध्यायों वाली इस किताब का हर अध्याय ताओ के एक पद से प्रारम्भ होता है. फिर एक शीर्षक जो उस अध्याय की सीख का परिचय देता है, जैसे नमनीयता के साथ जीना, या दुश्मनों के बिना जीना. इसके बाद है उस पद पर डॉ डायर की टिप्पणी और व्याख्या. अध्याय के अंत में है संक्षिप्त निर्देश कि उस सीख को अपने जीवन में कैसे ढाला जाए. निर्देश बहुत सरल हैं, जैसे विचारों को अपने मन में रुकने-ठहरने दें. या हैं कुछ क्रियाएं. क्रियाएं छोटी भी हैं, बडी भीं. छोटी जैसे अपने सम्पर्क में आने वाले किसी व्यक्ति के प्रति दया-ममता-करुणा बरतें, और बडी जैसे एक दिन निराहार रहें. अध्यायों का आकार बहुत बडा नहीं है. 4 से 6 पन्ने, बस!

 

कहना अनावश्यक है कि इन अध्यायों में जो कहा गया है, उसमें नया कुछ भी नहीं है. सब कुछ हमारा जाना-पहचाना ही है. जैसे, आप अपने स्वभाव में विश्वास रखें, संतुष्ट रहें, या अपने सोच को लचीला रखें, उसे कठोर न बनने दें, आदि. सब-कुछ आपका जाना-पहचाना होने के बावज़ूद यह किताब इसलिए प्रभावित करती है कि आज की भाग-दौड और तनाव भरी ज़िन्दगी में शांति और सुकून की तलाश हरेक को है. डॉ डायर जीवन की चिर-परिचित बातों को बहुत ही सरल और आत्मीय अन्दाज़ में प्रस्तुत कर सहज स्वीकार्य बना देते हैं. जो सलाहें वे देते हैं, उन्हें मानने में कोई कठिनाई नहीं लगती, जैसे यह कि आप हर दिन कम से कम एक घण्टा प्रकृति के और अपने सान्निध्य में रहें. एक बहुत अच्छी बात वे यह कहते हैं कि आप छोटी-सी ही सही शुरुआत  तो करें. यह कहने के लिए वे लाओ त्से की  की सुपरिचित पंक्ति का सहारा लेते हैं : हज़ार मील की यात्रा एक छोटे-से कदम से शुरू होती है.

 

यह किताब उन चुनिन्दा किताबों में से है जो आपसे कहती है कि मुझे आहिस्ता-आहिस्ता पढो. खुद डॉ वैन ने लिखा है कि यह एक ऐसी किताब है जो आपका अपनी ज़िन्दगी को देखने का नज़रिया सदा के लिए बदल देगी और आप एक ऐसी नई दुनिया में विचरण करने लगेंगे जिसका प्रकृति से पूर्ण तादात्म्य है. इस किताब को लिखते हुए मैं खुद बदल गया हूं. अब मैं प्राकृतिक विश्व के साथ सामंजस्य और अभूतपूर्व शांति का अनुभव कर रहा हूं. मुझे ताओ-ते- चिंग की यह व्याख्या प्रस्तुत करते हुए गर्व है.

 

किताब हमको समझाती है कि यद्यपि गति और परिवर्तन जीवन के नियम हैं और हमारे चारों तरफ बदलाव होते ही रहते हैं, हमें यह विवेक जाग्रत करना चाहिए कि हमें हर परिवर्तन के साथ नहीं बहते जाना है.

 

आज बाज़ार बेहतर जीवन जीना सिखाने वाली किताबों से भरा पडा है. यह किताब इस तरह की किताबों की भीड में होते हुए भी उनसे अलग है. इसकी सबसे बडी खासियत इसकी शैली में निहित है जो आप पर कुछ इस तरह असर डालती है कि आप खुद-ब-खुद शांति की अनुभूति करने लगते हैं, जीवन की आपाधापी से कुछ देर के लिए ही सही विरत होकर ज़ेन का अनुभव करते हैं और पाते हैं कि आपमें कुछ सकारात्मक परिवर्तन हुआ है.

सम्पर्क

ई-2/211, चित्रकूट
जयपुर -302021
फोन    : 2440782
मोबाइल : 98295 32504

 Discussed book: 

Change Your Thoughts – Change Your Life: Living the Wisdom of the Tao

By Wayne W. Dyer

Publisher:  Hay House

 


 

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                                                  प्रबंध सम्पादक : अंजली सहाय सम्पादक : डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल