मई 2007  

 

प्रकृति और साहित्य को समर्पित

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वह तोड़ती पत्थर

देखा मैंने उसे इलाहाबाद के पथ पर -

वह तोड़ती पत्थर.

नहीं छायादार

पेड़ वह जिसके तले बैठी हुई स्वीकार,

श्याम तन, भर बंधा यौवन.......... सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

 कविता

गीली लकड़ियों के बीच
लड़की कूद जाएगी रस्सी  नन्द चतुर्वेदी 
ख्वाहिशों के जख्म......  
डा0 स्वर्णलता
औरतें............ रमाशंकर यादव 'विद्रोही'    
कहानी
एक दिन रामबाबू झाड़ी लांघ जाएंगे रधुनन्दन त्रिवेद
सूफी कथाए
भविष्यवाणी ,उद्देश्य ,उदारता संजीव मिश्र 
लेख

बाजार में मातृ शक्ति.....   प्रेमचंद गांधी
 व्यंग्य
जैसे कोई और हो !   अशोक शुक्ल 
और बहुत कुछ 

वास्तविकता की खोज  डॉ अरविन्द भावे

हमें जीने दो!       प्रणय कुमार गर्ग

बचपन

सूरज का गुस्सा संजीव जायसवाल 'संजय'

  ड्राइंग - नव्या

 पुस्तक समीक्षा
''देर आयद : हथलेवो''  रमेश खत्री
...और सभी नियमित स्तम्भ

  अंक   जनवरी २००७  फरवरी २००७  मार्च २००७ अप्रैल २००७    next

 पिछला अंक 

कविता                     
 
ऐसे हालात में-  नंद भारद्वाज           

 सहोदर से संवाद-  नंद भारद्वाज

 कहानी

 नीलकांत का सफ़र स्वयंप्रकाश       

चालीस पार प्रेम -  सत्यनारायण

 लेख

प्रकृति से विच्छेद- डॉ सदाशिव श्रोत्रिय

घर-घर चैन -चुरैय -डॉ मनोहर प्रभाकर 

लोकप्रिय संगीत पर-गिरिजेश कुमार

 व्यंग्य

ओहदे की खातिर - हरदर्शन सहगल

 और बहुत कुछ 

राही को ज्ञानपीठ- डॉ शिब्बन कृष्ण रैणा

कथाकार चन्द्रकांता के -. अंजली सहाय

 बचपन  - चन्दा मामा

 पुस्तक समीक्षा

 

 

 

 

 ...और सभी नियमित स्तम्भ

 

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                      प्रबंध सम्पादक : अंजली सहाय  सम्पादक : डॉ0 दुर्गाप्रसाद अग्रवाल